मिट्टी के पोषक तत्वों के प्रबंध :

अधिक चराना , वनों का नाश करना और तीव्र अरक्षणीय खेती की प्रथाएं आदी की वजह से होनेवाले भू-क्षरण से मिट्टी के उपजाऊपन और मिट्टी के अमूल्य पोषक तत्वों की हानि हो रही है। फॉस्फोरस , पोटैशियम और नाइट्रोजन जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर जैसे सेकेंडरी पोषक तत्व, और आयरन मँगनीस , कॉपर , ज़िंक , क्लोराइड , मौलिब्डिनम , बोरोन , सेलीनियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व मिट्टी से गायब हो रहे है। इन पोषक तत्वों की हानि से उत्पादयकता के साथ ही फसल की पौषणिक मूल्यों पर भी असर हो रहा है। इस वजह से, मिट्टी के पोषक तत्वों का प्रबंधन एक महत्वपूर्ण घटक है और भू-क्षरण और बहाव घटाने के लिए ऊपर चर्चा की हुई पद्धति के अलावा वर्तमान मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए, सुधार पर आधारित पद्धति का अनुप्रयोग मिट्टी का उपजाऊपन और उत्पादकता बढ़ा देंगे। यह पद्धतियाँ है।

पोषण सघन खेती
वर्मीकम्पोस्ट बनाना
एकीकृत खेती प्रणाली
अन्य कृषि पद्धतियां