स्थापना, परिचालन और रखरखाव
एकीकृत कृषि प्रणालियां

विभिन्न कृषि-पारिस्थितिकी तंत्रों के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली के भिन्न-भिन्न अवयवों का उपयोग किया जाता है, अर्थात शुष्कभूमि खेली के लिए डेयरी-मुर्गीपालन-बकरी/भेड़पालन-कृषिवानिकी-खेतपोखरा सबसे अच्छा संयोजन है, जबकि तरभूमि कृषि के लिए डेयरी-मुर्गीपालन-कुकुरमुत्ता-मधुमक्खीपालन-मछलीपालन-बत्तखपालन सबसे अच्छा संयोजन है।

वर्षा आधारित क्षेत्रों में एकीकृत कृषि प्रणाली का चयन करते समय नीचे लिखे कारकों पर विचार किया जाता है। मिट्टी का प्रकार, वर्षापात और उसका वितरण तथा उगाई के मौसम की लंबाई मुख्य कारक हैं जो उपयुक्त सालाना फसल, वृक्षों और पशुधन अवयवों का चयन तय करते हैं। किसानों की आवश्यकताएं और संसाधन आधार भी किसी भी खेत में एकीकृत कृषि प्रणाली के अवयवों के चयन का निर्णय करता है।

उपयुक्त फसलें : मिट्टी के प्रकार के अनुसार :
  • काली मिट्टी :
    • अनाज : मक्का
    • मोटे अनाज : ज्वार, बाजरा
    • दलहनें : हरा चना, काला चना, लाल चना, काबुली चना, सोयाबीन, कुलथी चना
    • तिलहने : सूरजमुखी, कुसुम्भ
    • रेशे या फाइबर : कपास
    • अन्य फसलें : धनिया, मिर्चियां
    • चारा फसलें : ज्वार चारा, बाजरा चारा, चवला चारा, रोड्स घासें, थॉम्पसन घास, मयली कोंडाई पुल, एल्यूसाइन प्रजाति, डेसमैंथस
  • लाल मिट्टी :
    • मोटे अनाज : ज्वार
    • छोटे मोटे अनाज : रागी, तनाई, समाई
    • दहलनें : हरा चना, लाल चना, सोयाबीन, चवला, कुलथी चना, लब-लब
    • तिलहनें : मूंगफली, अरंडी, तिल
    • अन्य फसलें : चोलम चारा, बाजरा चारा, नीलकोलुकट्टाई (ब्लू बफल घास), रागी चारा, शंखु पुष्पम, चवला चारा, मुयल मसल (स्टाइलो), सिरातो, मारवल घासें, भाला घास, खस
उपयुक्त वृक्ष प्रजातियां
  • इमली, सिमारोउबा, वगाई (लेडीज टंग), अरप्पू, कोडाई वेल, ए.टॉरटाइलिस, मान कथु वेल, ए. मेल्लिफेरा, नाम, हार्डविकिया बिनाटा, बेर, करौंदा, कासुआरिना, रेशम कपास आदि लाल कंकरीली / रेतीली लाल दुमट मिट्टियों के लिए उपयुक्त होते हैं।
  • काली मिट्टियों के लिए कारू वेल, ए. टॉरटाइलिस, ए.एल्विडा, नीम, वगाई, होलोप्टेलिआ इंटेग्रिफोलिआ, मांजा नेयती, हिबिस्कस टिलिफोलिआ, ग्मेलिना अरबोरिआ, कासुआरिना, सुबाबुलैंड अडिना कॉर्डिफोलिआ उपयुक्त होते हैं।