यह क्या है?
एकीकृत कृषि प्रणालियां

कृषि अर्थव्यवस्था में विभिन्न कृषि उद्यमों यथा फसल उगाना, पशुपान, मछलीपालन, वानिकी इत्यादि के एकीकरण की अथाह संभावना और क्षमता है। ये उद्यम न केवल किसानों की आय में अनुपूरक होते हैं अपितु परिवार के श्रम नियोजन में भी बढ़ोतरी करते हैं।

एकीकृत कृषि प्रणाली की पद्धति पैदावार को अधिक से अधिक बढ़ाने के लिए खेती की तकनीकों और फसल उगाने के पैटर्न में बदलाव लाती है और संसाधनों के अभीष्टतम उपयोग का ध्यान रखती है।  
एकीकृत प्रणाली में उत्पादक उद्देश्यों के लिए कृषि अवशिष्टों या कचरे का बेहतर ढंग से पुनर्चक्रण (रिसाइकल) किया जाता है।
विद्यमान कृषि जलवायु परिस्थितियों और किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति के अनुरूप डेयरी, मुर्गीपालन, सूअरपालन, मछलीपालन, रेशम के कीड़ों का पालन आदि जैसे कृषि उद्यमों का विवेकसंगत मिश्रण उनकी किसानी का आय में समृद्धि लाएगा।