इसमें मेरे लिए क्या है?
एकीकृत कृषि प्रणालियां
- अधिक खाद्य उत्पादन
- अवशिष्टों तथा उनसे जुड़े हुए अवयवों के उचित पुनर्चक्रण के माध्यम से खेती की आय में वृद्धि
- जैविक कचरा पुनर्चक्रण के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता में टिकाऊपन
- संबद्ध क्रियाकलापों के एकीकरण का परिणाम प्रोटीन, कार्बोहाइड्रैट, वसा, खनिज तथा विटामिनों से समृद्ध पोषक खाने की उपलब्धता के रूप में सामने आएगा
- एकीकृत खेतीकिसानी सूअरपालन, मुर्गीपालन और कबूतर पालन जैसी पशुपालन गतिविधियों से निकलने वाले कचरे के प्रभावी पुनर्चक्रण के माध्यम से पर्यावरण की सुरक्षा में मदद करेगी।
- संबद्ध उद्यमों के सह-उत्पादों से आगत पुनर्चक्रण के माध्यम से अवयवों की उत्पादन लागत में कमी
- एकीकृत खेती में जुड़ी हुई गतिविधियों से अंडे, दूध, कुकुरमुत्तों, सब्जियों, शहद और रेशम के कीड़ों के कोकूनों जैसे उत्पादों के माध्यम से नियमित स्थिर आय
- एकीकृत खेती प्रणाली में बायोगैस और कृषि वानिकी को शामिल करने से पूर्वानुमानित ऊर्जा संकट हल होगा
- अंतरफसल तथा सीमांत फसल के रूप में चारे की फसलें उगाने के परिणामस्वरूप दुधारू गायों, बकरी / भेड़ों, सूअर तथा खरगोशों जैसे पशु अवयवों के लिए पर्याप्त पोषक चारा उपलब्ध होगा
- कृषि वानिकी तथा एकीकृत खेती के द्वारा भूमि के प्रत्येक भाग पर उचित खेती के द्वारा क्षरण के माध्यम से होने वाली मिट्टी की हानि से बचा सकेगा
- छोटे और सीमांत किसानों के कृषि परिवार के सदस्यों के लिए नियमित रोजगार का सृजन