इसे कैसे बनाएं?
रेत की बाड़ें
रेत की बाड़ें बनाते समय इन कारकों की जांच पड़ताल कर लेनी चाहिए :
  • पवन गति
  • हवा की दिशा
  • बाड़ के पदार्थ की भेद्यता
  • रेत की बाड़ की ऊंचाई
  • जमीन की ढलान
  • भूमि की स्थलाकृति
  • जमा रेत को स्थिर बनाने के लिए उपलब्ध वनस्पति की मात्रा
रेत की बाड़ की डिजाइन में इन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए :
  • रेत की बाड़ हवा की प्रचलित दिशा की सीधी लंबाई में ही होनी चाहिए
  • हवा के प्रति 40-60 प्रतिशत भेद्यता
  • बाड़ की मजबूत नींव या आधार
  • रेत की बाड़ें 1.2-2 मीटर से अधिक ऊंची नहीं होनी चाहिए।
  • बाड़ें और उनकी अंदरूनी जाली का रखरखाव नियमित रूप से किया जाना चाहिए और जब रेत उनके ऊपरी किनारे से 10 या 15 सें.मी. तक आ जाए तब बढ़ाया जाना चाहिए ताकि वे भलीभांति प्रभावी ढंग से काम करती रहें।
  • जाली में छिद्रों का आकार हवाओं और ढलानों की तीव्रता और टीलों के आकारों के अनुसार निर्धारित किया जाता है।
  • लगाई जाने वाली पौधों की क्यारियों की उचित चौड़ाई और संख्या निर्धारित करें।