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रेत की बाड़ की डिजाइन में इन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए :
- रेत की बाड़ हवा की प्रचलित दिशा की सीधी लंबाई में ही होनी चाहिए
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हवा के प्रति 40-60 प्रतिशत भेद्यता
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बाड़ की मजबूत नींव या आधार
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रेत की बाड़ें 1.2-2 मीटर से अधिक ऊंची नहीं होनी चाहिए।
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बाड़ें और उनकी अंदरूनी जाली का रखरखाव नियमित रूप से किया जाना चाहिए और जब रेत उनके ऊपरी किनारे से 10 या 15 सें.मी. तक आ जाए तब बढ़ाया जाना चाहिए ताकि वे भलीभांति प्रभावी ढंग से काम करती रहें।
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जाली में छिद्रों का आकार हवाओं और ढलानों की तीव्रता और टीलों के आकारों के अनुसार निर्धारित किया जाता है।
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लगाई जाने वाली पौधों की क्यारियों की उचित चौड़ाई और संख्या निर्धारित करें।
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