स्थापना, परिचालन और रखरखाव
रेत की बाड़ें
रेत की बाड़ों का उपयोग उनके निकट रेत जमा करने के लिए किया जाता है। रेत की बाड़ें कई प्रकार की होती हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं :- ऊर्घ्व या खड़े पटियों की बाड़
- क्षैतिज या आड़े पटियों बाड़
- ताड़ की पत्तियों की बाड़, जो सामान्य रूप से पहले की दो बाड़ों के समान ही होती है किंतु इसमें पटियों के स्थान पर ताड़ की पत्तियों का उपयोग किया जाता है।
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बाड़ लगाना
ऊर्ध्व या खड़े पटियों की बाड़ की वायुगतिकीय स्थिरता क्षैतिज या आड़े पटियों की बाड़ की तुलना में अधिक होती है। सबसे अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए 40-60 प्रतिशत भेद्यता की अनुशंसा की जाती है। बाड़ प्रचलित प्रभावी हवा की दिशा की सीधी लंबाई में ही होनी चाहिए। बाड़ की नींव या आधार मजबूत से जमाया जाना चाहिए। दक्षता बढ़ाने के लिए रेत की बाड़ों की कई समानांतर कतारें खड़ी की जा सकती हैं, किंतु ढलान और वायु की गति का ध्यान रखते हुए कतारों के बीच उचित स्थान छोड़ा जाना चाहिए। |
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स्मरण रखने योग्य बातें
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