स्थापना, परिचालन और रखरखाव
पट्टीदार खेती
पट्टेदार खेती लगाते समय किसान को बीच-बीच में लगाई फसल के पौधों के स्थान, उनके बीच की दूरी और प्रजातियों के चयन को दिमाग में रखना चाहिए।
फसलों के पौधों की क्यारियां मेड़ पट्टीदार खेती में मेड़ की सीधी खड़ी रेखा में होनी चाहिए।
पवन पट्टीदार खेती में फसलों के पौधों की क्यारियां पवन या हवा की दिशा की सीधी खड़ी रेखा में होनी चाहिए।
किसान को ऐसी देशज प्रजातियों का चयन करना चाहिए, जिनके जीवित बचे रहने और लगाने की दर सामान्य रूप से अधिक होती है। पवन पट्टीदार खेती और स्थायी/प्रतिरोधक या बफर पट्टीदार फसल उगाने के लिए स्थल पर ज्यादा ऊंची बढ़ने वाली तथा उपयुक्त घनी पत्तियों और वृद्धि दर वाली प्रजातियों पर विचार किया जाना चाहिए।
खेत के सीमांतों पर घासें या फलियां रोपी जानी चाहिए और पट्टीदार फसल उगाने की प्रणाली के हिस्से के रूप में जलमार्ग बनाये जाने चाहिए।